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जिले के कई गांवों में मतदान का बहिष्कार, अफसर जुटे ग्रामीणों को मनाने में

जिले के कई गांवों में मतदान का बहिष्कार, अफसर जुटे ग्रामीणों को मनाने में

 

मंदसौर.
रविवार को लोकसभा चुनाव को लेकर मंदसौर संसदीय सीट पर मतदान का दौर शुरु होने के साथ ही कई जगहों पर विरोध भी शुरु हो गया है। गांवों में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध शुरु कर दिया है। जिले के कई गांवों में अपनी अलग-अलग समस्याओं को लेकर ग्रामीण लामबंद हुए और उन्होंने मतदान से दूरी बनाते हुए इसका विरोध कर दिया। आलम यह हुआ कि मतदान प्रक्रिया की व्यवस्तता को छोड़ अफसर भी गांवों में इन रुठे ग्रामीणों को मनाने के लिए पहुंचे है। लेकिन बात नहीं बन रही है। पिछले कई दिनों से इन गा्रमीणों ने मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। बावजूद अफसरों ने इसे गंभीर नहीं लिया। इस कारण अब यह स्थिति बनी है।

जब चेतावनी दी तब अफसरों ने नहीं लिया गंभीर
ग्रामीणों ने मतदान के कई दिनों पूर्व से ही अपनी मांगों को लेकर मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी, लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और इन ग्रामीणों के पास पहुंचकर बात तक नहीं की। आलम यह रहा कि अब ग्रामीण बहिष्कार कर सडक़ो पर उतर आए तो गांवों की और अफसर दौड़ लगाते हुए पहुंच रहे है और मनाने की जुगत में लगे हुए है। मतदान के शुरुआत दो घंटे में कई गांवों में विरोध कर रहे ग्रामीण नहीं माने और विरोध जारी रखा।

इन गांवों में चल रहा विरोध
सीतामऊ के काचरिया चंद्रावत में ओलावृष्टि के मुआवजे को लेकर विरोध हुआ तो शामगढ़ के पिछला गांव में पूरा गांव लामबंद हो गया। इन ग्रामीणों का कहना था कि रोड कंपनी का ठेकेदार गांव के समीप स्थित मगरे घाटी को पिछले कई दिनों से खोद कर छलनी कर रहा है। इसका कही से भी कोई ठेका नहीं हुआ है। इसे रोकने और कार्रवाई की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन किसी ने नहीं रोका तो गांव बाबरेचा और सुरखेड़ा में सुबह से विरोध चल रहा है। यहां ग्रामीण धुंधडक़ा से डिगांव वाली जर्जर सडक़ को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रहे है। इसी तरह जिले के कई गांवों में मतदान की शुरुआत के साथ विरोध का क्रम भी चल रहा है।